Thursday, May 3, 2018

MP: मुख्‍यमंत्री शिवराज का चौंकाने वाला बयान, क्‍या होने वाली है विदाई!

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज के चौंकाने वाला बयान देकर खबरों में जगह बनाई है. मध्‍यप्रदेश में आने वालों चुनावों को लेकर प्रदेश में माहौल काफी गर्म चल रहा है. एक तरफ जहां कांग्रेस के नए प्रदेशाध्‍यक्ष कमलनाथ ने चुनावों को लेकर कमर कस ली है तो विरोधी पार्टी भाजपा भी काफी सक्रिय नजर आ रही है. लेकिन मुख्‍यमंत्री शिवराज के एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान सवाल खड़ा कर दिया है कि क्‍या मुख्यमंत्री पद से उनकी विदाई होने वाली है. 


भोपाल में आनंद संस्थान के एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है. अब ये बात शिवराज सिंह ने क्‍या सोच कर कही ये कोई नहीं जानता लेकिन कहीं उनका इशारा चुनावी साल में नए हेरफेर की तरफ तो नहीं. 



वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज के बयान पर कहा है कि यह हकीकत उनकी समझ में आने लगी है. अभी चुनावों में वक्त है लेकिन शिवराज सिंह अभी से हताश होने लगे है. वहीं शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि कुछ नेता प्रदेश में सिर्फ़ चुनाव के समय दिखते है, बाक़ी समय अपने तुग़लकी महलों में बिताते हैं. उनको लगता है कि कॉमन मैन को क्या पता चलेगा. एक फ़िल्म में मैंने सुना था, “नेवर अंडरेस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमन मैन.” जनता को पता है कि कौन उनके साथ हमेशा रहा है, और हमेशा रहेगा.



बता दें कि मध्यप्रदेश में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. 15 साल से मध्‍यप्रदेश में बीजेपी की सरकार को इस बार कांग्रेस पूरी तरह से हटाने की कोशिश में जुट गई है. अब देखना ये है कि शिवराज फिर से राज करेंगे या फिर कांग्रेस की लहर इस बार बीजेपी का पत्‍ता साफ करेगी.




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Wednesday, May 2, 2018

आधार डाटा लीक पर EPFO का बड़ा बयान, CSC की सेवाएं रोकीं और सर्वर किया बंद

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नई दिल्ली: कर्मचारियों के आधार डाटा लीक की आशंका पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आननफानन में अपने आनलाइन सामान्य सेवा केंद्र (CSC) की सेवाएं रोक दी हैं. उसका कहना है कि सीएससी की ‘संवेदनशीलता की जांच’ लंबित रहने तक इन सेवाओं को रोका गया है. हालांकि, ईपीएफओ ने सरकार की वेबसाइट से अंशधारकों का डाटा लीक की किसी आशंका को खारिज किया है. ईपीएफओ का यह बयान इन खबरों के बाद आया कि हैकर्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले साझा सेवा केंद्र द्वारा चलाई जाने वाली वेबसाइट aadhaar.epfoservices.com से अंशधारकों का डाटा चोरी किया है. ये रपटें ईपीएफओ केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त वीपी जॉय द्वारा सीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश त्यागी को लिखे पत्र पर आधारित हैं.


सीएससी का डाटा केंद्र से लेना-देना नहीं
ईपीएफओ ने बयान जारी कर कहा, 'डाटा या सॉफ्टवेयर की संवेदनशीलता को लेकर चेतावनी एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है. इसी आधार पर सीएससी के जरिये प्रदान की जाने वाली सेवाओं को 22 मार्च, 2018 से रोक दिया गया है.' ईपीएफओ ने कहा कि ये रिपोर्ट सीएससी के जरिये सेवाओं के बारे में है और इनका ईपीएफओ सॉफ्टवेयर या डाटा केंद्र से लेना देना नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि डाटा लीक अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है. डाटा सुरक्षा और संरक्षण के लिए ईपीएफओ ने अग्रिम कार्रवाई करते हुए सर्वर को बंद कर दिया है. जांच पूरी होने तक सीएससी के जरिये सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी. ईपीएफओ ने कहा कि किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है. डाटा लीक की किसी भी संभावना को रोकने के लिए हरसंभव उपाय किए गए हैं. भविष्य में इस बारे में सतर्कता बरती जाएगी.


6.25 हजार करोड़ की पहले लगी थी चोट
कुछ दिन पहले एक मीडिया रिपोर्ट में दावा था कि ईपीएफओ में 6.25 हजार करोड़ का डिफॉल्ट हुआ है. 1539 सरकारी कंपनियों ने ईपीएफ के 1360 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए जबकि प्राइवेट कंपनियों ने 4651 करोड़ रुपये नहीं जमा कराए. इन घपलेबाजों में कई बड़े नाम शामिल थे. कंपनियों को ट्रैक करने वाले ईपीएफओ के एक विभाग ने पाया कि खुद के प्रॉविडेंट फंड ट्रस्ट चलाने वाली इन 433 कंपनियों ने अपने कर्मचारी के फरवरी 2018 के पीएफ रिटर्न फाइल नहीं किए हैं.




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