Friday, May 4, 2018

BJP President Amit Shah In Bhopal News Updates Mp

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भोपाल.भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को पार्टी के 6 हजार कार्यकर्ताओं को अगले विधानसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र दिया। साथ ही कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। कार्यक्रम में शाह ने कहा कि राहुल मध्य प्रदेश में जीत का सपना कैसे देख सकते हैं, दूरबीन लगाएंगे तो भी उन्हें ये नजर नहीं आएगी। शाह ने खुलकर शिवराज सिंह सरकार के कामकाज की तारीफ की। इससे पहले कुछ शिवसैनिकों ने अमित शाह के दौरे का विरोध करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए।

राहुल-कमलनाथ के जीत के दावों पर हंसी आती है

- अमित शाह ने कहा, ''मप्र देश का दिल है, यहां भगवान महाकाल स्वयं विराजमान हैं। ऐसी धरती भाजपा के लिए पूज्यनीय है। मप्र में कांग्रेस के नए अध्यक्ष कमलनाथ और राहुल गांधी पूरे विश्वास से बोल रहे हैं कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। मुझे उनके बयानों पर हंसी आती है। जीत तो दूर राहुल गांधी को कांग्रेस का अस्तित्व भी दूरबीन लेकर ढूंढना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं से कहता हूं कि आप में हमें हराने का दम नहीं।''

कांग्रेस ने चुनाव में राजा-महाराजाओं की टीम उतरी

- शाह ने कहा, ''राहुल गांधी को मैं बताना चाहता हूं कि मप्र भाजपा का गढ़ है। यहां हमारी पैठ अंगद के पैर के जैसी है। भाजपा गरीबों की बात करती है और आप राजा-महाराजा की। अब की बार लड़ाई कॉर्पोरेट और किसानों के बीच है। कांग्रेस राजा-महराजाओं को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है, उनसे डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि हमारा बूथ कार्यकर्ता भी राजा-महाराजा को हराने की ताकत रखता है।''

कांग्रेस ने दुनियाभर में हिंदू संस्कृति को बदनाम किया

- शाह ने भगवा आतंकवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक फर्जी केस के जरिए भगवा आतंकवाद नाम देकर हिंदू संस्कृति को दुनियाभर में बदनाम किया। अब जब कोर्ट ने पूरे मामले को ही नकार दिया है तो कांग्रेस चुप क्यों हैं।

- राहुल गांधी 2014 के लोकसभा चुनाव में देशभर में घूम-घूमकर भगवा आतंकवाद रट रहे थे। अब तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। हमें ही जन-जन तक उनके इस कारनामे को पहुंचाना होगा।

शाह ने दिया मप्र चुनाव में जीत का मंत्र

- भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें संगठन में काम करते हुए जन-जन तक पहुंचना होगा। बूथ लेवल पर काम करना होगा। मप्र में भाजपा के एक करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ता हैं। इनमें से 65 लाख कार्यकर्ताओं का हमारे पास पूरा डाटा है। अगर 65 लाख कार्यकर्ता 5 दिन भी चुनाव प्रचार करते हैं तो जीत से कोई नहीं रोक सकता।

- इस बार हम चुनाव में जीत के लिए नहीं जाएं, बल्कि इस अंतर को बढ़ाने की कोशिश करें। जीत का अंतर इतना हो कि विरोधियों की नींद उड़ जाए। अाप संगठन से मिली सीख का स्मरण करो और अर्जुन की तरह दुश्मनों पर टूट पड़ो, जीत अापकी होगी।

कर्नाटक में जीत के लिए पटाखे तैयार रखें

- शाह ने पार्टी की विजयश्री गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस जो बात कह रही है, मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि लोकसभा चुनाव के बाद सबसे पहले महाराष्ट्र में भाजपा ने जीत दर्ज की। इसके बाद हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, हिमाचल, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा में विजय मिली। अब कार्यकर्ता मई में पटाखे तैयार रखें, कर्नाटक भी हम जीतेंगे।

नरेंद्र मोदी वरदान की तरह हैं: शिवराज

- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री देश ही नहीं दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। मोदी जी देश के लिए ईश्वर का वरदान हैं। गरीबों, विकास के लिए जितनी तड़प मोदी जी में है, शायद किसी नेता में हो।

- बता दें कि अमित शाह के कार्यक्रम में करीब 6 हजार भाजपा नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके लिए पार्टी के 58 जिलाध्यक्ष और 800 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों को बुलाया गया था।



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Thursday, May 3, 2018

MP: मुख्‍यमंत्री शिवराज का चौंकाने वाला बयान, क्‍या होने वाली है विदाई!

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज के चौंकाने वाला बयान देकर खबरों में जगह बनाई है. मध्‍यप्रदेश में आने वालों चुनावों को लेकर प्रदेश में माहौल काफी गर्म चल रहा है. एक तरफ जहां कांग्रेस के नए प्रदेशाध्‍यक्ष कमलनाथ ने चुनावों को लेकर कमर कस ली है तो विरोधी पार्टी भाजपा भी काफी सक्रिय नजर आ रही है. लेकिन मुख्‍यमंत्री शिवराज के एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान सवाल खड़ा कर दिया है कि क्‍या मुख्यमंत्री पद से उनकी विदाई होने वाली है. 


भोपाल में आनंद संस्थान के एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है. अब ये बात शिवराज सिंह ने क्‍या सोच कर कही ये कोई नहीं जानता लेकिन कहीं उनका इशारा चुनावी साल में नए हेरफेर की तरफ तो नहीं. 



वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज के बयान पर कहा है कि यह हकीकत उनकी समझ में आने लगी है. अभी चुनावों में वक्त है लेकिन शिवराज सिंह अभी से हताश होने लगे है. वहीं शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि कुछ नेता प्रदेश में सिर्फ़ चुनाव के समय दिखते है, बाक़ी समय अपने तुग़लकी महलों में बिताते हैं. उनको लगता है कि कॉमन मैन को क्या पता चलेगा. एक फ़िल्म में मैंने सुना था, “नेवर अंडरेस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमन मैन.” जनता को पता है कि कौन उनके साथ हमेशा रहा है, और हमेशा रहेगा.



बता दें कि मध्यप्रदेश में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. 15 साल से मध्‍यप्रदेश में बीजेपी की सरकार को इस बार कांग्रेस पूरी तरह से हटाने की कोशिश में जुट गई है. अब देखना ये है कि शिवराज फिर से राज करेंगे या फिर कांग्रेस की लहर इस बार बीजेपी का पत्‍ता साफ करेगी.




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Wednesday, May 2, 2018

MP मुख्‍यमंत्री के ट्वीट का कमलनाथ ने दिया जवाब, बोले- 13 वर्ष से रटा रटाया बोल रहे हैं शिवराज

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भोपाल: मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस ने हाल ही में प्रदेश अध्‍यक्ष के पद पर कमलनाथ को कमान सौंपी है. इस ताजापोशी के बाद से ही कमलनाथ काफी एक्‍ट‍िव नजर आ रहे हैं. प्रदेश के मुख्‍यमंत्री ने एक ट्वीट करते हुए कमलनाथ पर निशाना साधा तो कमलनाथ ने भी ट्वीट करके उन्‍हें पलटकर तगड़ा जवाब दिया. 


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि कुछ लोग 15 मिनट क्या, 15 साल भी लगातार बोलें तो भी उनके अलावा किसी को समझ नहीं आएगा.



इसके जवाब में कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए पोस्‍ट किया कि शिवराज ने सही कहा कुछ लोग 15 साल भी लगातार बोले तो भी उनके अलावा किसी को समझ नहीं आएगा. आज मध्यप्रदेश की यही स्थिति है, शिवराज लगातार 13 वर्ष से रटा रटाया ही बोल रहे हैं, समझ में किसी को कुछ नहीं आ रहा है. धरातल पर कुछ नहीं.



बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि प्रदेश का हर वर्ग बीजेपी सरकार से परेशान हो चुका है. कमलनाथ ने राज्य सरकार के कृषि पर दिए जाने वाले आंकड़ों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की 75 फीसदी अर्थव्यस्था कृषि पर निर्भर है. सरकार जीडीपी के आंकड़ों से जनता को गुमराह करने में लगी है. अब जनता गुमराह नही होगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहा है और सरकार कह रही है कि कृषि पुरस्कार मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों समेत नौजवानों के लिए भी चुनौती है.




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